जिंदगी एक ऐसा कैनवास है जिस पर
वक्त हर रंग रंगता है। लेकिन कभी- कभी हिस्से में बस दो रंग आते हैं सफेद और
काला। मजे की बात यह है दुनिया के किसी कोने में भी इन दो रंगों को रंग में नहीं
गिना जाता। इसलिए कैनवास खाली भी रह जाता है। एक ऐसे ही खाली कैनवास है कि जिंदगी
को करीब से देख रही हूं। जिसमें तमाम रंगों की ख्वाहिश की गई थी लेकिन हिस्से
में खाली कैनवास ही आया। खैर ऊपर वाला शायद किसी इंतजार में ही होगा या अपने
पसंदीदा रंगों को भरने का इंतजार कर रहा होगा।

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