Saturday, March 3, 2012

jindagi

एक औरत की जिंदगी बडी मामूली सी होती है। हजारों रंग होते है फिर भी बेरंग होती है।किसी की ख्‍वाहिश और किसी की उम्‍मीद बनकर वो हमेशा जीती है। माना ये सबको मालूम है। लेकिन ये चीजें बदलती क्‍यूं नही है। क्‍यूं जरूरी होता है कोई सहारा कोई प्‍यार बनकर उसके साथ चले। आखिर क्‍यूं किसी को अकेला छोडने में उसे तकलीफ होती है। आज मेरे जहन में ये सवाल उठे है, या हकीकत कहूं तो एहसास हो रहा है। ये भी एक रंग है अच्‍छा हो या बुरा ईश्‍वर का दिया तोहफा है। जिसमें मुझे कोई शिकायत नही कोई मलाल नही है।
                                                                 
                       अब जिंदगी बस इंतजार लगती है जिसके पूरे होने की उम्‍मीद करने की ख्‍वाहिश नही ............

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